Dybbuk Movies Review In Hindi

 


इमरान हाशमी हमेशा ही हॉरर फिल्मों में जान डाल लेते हैं। लास्ट टाइम हमें इमरान हाशमी दिखे थे। राज़ सिरीज में जो   की लाशट  के  हॉरर फिल्म थी लेकिन अब एक बार फिर से इमरान हाशमी एक और हॉरर फिल्म लेकर आ गए हैं जिसका नाम है Dybbuk। अब बात करते हैं ये Dybbuk फिल्म सच में डर है या नहीं तो सबसे पहले बात करते हैं फिल्म की कहानी के बारे में तो फिल्म की कहानी काफी सिंपल सी है इमरान हाशमी यानि की सेम और उनकी वाइफ निकिता दत्ता यानि की माही ये दोनों मुंबई में रहते हैं लेकिन इनके पर्सनल लाइफ में बहुत सारी प्रॉब्लम चलती रहती है जिसकी वजह से ये सोचते हैं कि मुंबई छोड़ देना चाहिए और वो कहीं जाकर शिफ्ट होते हैं तो ये मुंबई से जाते हैं मोरे संस्था मॉरिशस में ये अपना नया घर लेते हैं जहां पर घर को सजाने के लिए निकिता दत्ता यानि की इमरान हाशमी की वाइफ माही एक ऐसा डब्बा ले आती है जो डब्बे में भुत है अब डब्बे में भुत कैसे आया डब्बे की कहानी क्या है ये तो आप फिल्म देखने के बाद जानेंगे। यहां पर मैं आपको जा रही स्पॉइलर नहीं दूंगा अगर बात करे की आखिरी Dybbuk फिल्म में क्या ज्यादा क्या बुरा है तो सबसे पहले तो उसपर बात करते हैं अच्छी चीजों के बारे में तो सबसे पहले अच्छी चीज तो ये है कि फिल्म की जो स्टोरी है वो काफी इंटरेस्टिंग है। जहां दोस्तों हॉरर फिल्म होने के अलावा ये फिल्में जो तेरी ले वो काफी बढ़िया है और फिल्म की कहानी भी कहीं न कहीं नॉर्थ इंडियन ऑडियंस के लिए एकदम यूनीक सी होगी क्योंकि इससे पहले इस तरह की कहानियों पर फिल्में नहीं बनीं। हमारे यहां फिल्में बनती भी हैं तो देसी


भूत प्रेत पर बनती है लेकिन ये थोड़ा इंग्लिश टाइप का होते बावजूद फिल्म को देखोगे तो कहानी आपको एकदम अलग लगेगी। दूसरा पॉजिटिव चीज है इसमें बैकग्राउंड म्यूजिक मतलब के जितने भी हॉरर स्टाइल से उन सेल्स पर जो बेल्जियम बसता है वो सच में आपको डराने की पूरी कोशिश करता है। इसके अलावा तीसरी अच्छी चीज है इस फिल्म में एक्टिंग ज्यादा। इमरान हाशमी हमें से चैटिंग करते हैं लेकिन इमरान हाशमी के अलावा निकिता दत्ता जो कि इस फिल्म के हीरो ने उनका भी काफी बढ़िया काम के साथ साथ मानव को जिनका इस फिल्म के अहम किरदार है उनका काम भी आपको काफी ज्यादा पसंद आता है। इसके अलावा उस फिल्म की जो ज्योति सबसे अच्छी चीज मुझे लगी वो थे इसके लास्ट के 20 मिनट लास्ट के 20 मिनट में यह फिल्म आपको पूरी तरह से बांधे रखती है और कहीं ना कहीं इसका जो क्लाइमेक्स से वो आपको स्मोकिंग एकदम शॉकिंग लग सकती अब अगर बात करेंगे फिल्म में बुरा क्या था तो दोस्तों सबसे बुरी चीज तो यही लगी कि फिल्म इतनी स्लो शार्ट होती है कि सूर्य 20 25 मिनट तक आपको समझ में आता कि आखिर फिल्म बनाना क्या चाहते हैं न तो डर लग रहा है ना तो फिल्म की कहानी से आप कनेक्ट हो पा रहे हो दूसरी बुरी चीजें वीएफएक्स दिया जाए तो जितने भी सीजीआई और वीएफएक्स से सीन है और पूरी तरह से इम्प्रेस नहीं करते वही दोस्तो। इसमें जो तीसरे माइनस चीज है वो है हॉरर मतलब की फिल्म हॉरर है लेकिन फिल्म देखते वक्त आपको कुछ भी डर नहीं लगता। एक दो सीन छोड़कर एक दो सीन हैं जहां पर मुझे भी डर लगा था लेकिन इसके अलावा जितने भी दोहराव से ने उसमें आपको बिल्कुल भी डर नहीं


लगता। उस दौरान कहा जाए तो डायलॉग एक एवरेज से फिल्म फिल्में जो फिल्म की कहानी आपको नई तो लगती है लेकिन फिल्म को इस तरह से एक्सक्यूज किया है कि फिल्म आपको ज्यादा इम्प्रेस नहीं कर पाती तो फिर आप इमरान हाशमी के फैन हैं तो इस फिल्म को एक बार देख सकते हैं लेकिन अगर आप ये उम्मीद करते हैं कि फिल्म में आपको ढेर सारा हॉरर देखने को मिलेगा तो ये फिल्म आपको निराश कर देगी। मैं इस फिल्म को पांच में से दो बार फाइव स्टार। अगर आपने ये फिल्म देखी तो आप हमें कमेंट करके बताये कि ये फिल्म आपको कैसी लगी।


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